ट्रेन हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है, लेकिन ट्रेन से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं जो हम नहीं जानते। हम सभी ने ट्रेन के दो अलग-अलग डिब्बों में देखा और यात्रा
जानिए ICF और LHB कोच में क्या है अंतर ?
ट्रेन हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है, लेकिन ट्रेन से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं जो हम नहीं जानते। हम सभी ने ट्रेन के दो अलग-अलग डिब्बों में देखा और यात्रा की होगी- पहला नीला रंग और दूसरा लाल रंग का। लेकिन क्या आप इन दोनों में अंतर जानते हैं? आइए इस लेख में दो कोचों के बीच के अंतर को जानते हैं।
आईसीएफ और एलएचबी कोच के बीच अंतर
ट्रेन में नीले रंग के कोच को ICF (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) और लाल रंग के कोच को LHB (लिंके हॉफमैन बुश) कहा जाता है।
आईसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री):
1- इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित है।
2- इसकी स्थापना वर्ष 1952 में हुई थी।
3- इसे लोहे से बनाया जाता है और इस वजह से यह भारी होता है।
4- इसमें एयर ब्रेक का इस्तेमाल किया गया है।
5- अधिकतम अनुमेय गति 110 किमी प्रति घंटे है।
6- इसके मेंटेनेंस में खर्चा ज्यादा आता है।
7- इसमें बैठने की क्षमता कम है (SL-72, 3AC-64) और ये कोच LHB कोचों से 1.7 मीटर छोटे हैं।
8- हादसे के बाद इसके डिब्बे एक के ऊपर एक चढ़ जाते हैं क्योंकि इसमें डुअल बफर सिस्टम होता है।
9- इसका राइड इंडेक्स 3.25 है।
10- आईसीएफ कोचों को 18 महीने में एक बार आवधिक ओवरहाल (पीओएच) की आवश्यकता होती है।
एलएचबी (लिंके हॉफमैन बुश):
1- लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोच निर्माण कारखाना पंजाब के कपूरथला में स्थित है और इन डिब्बों को जर्मनी से भारत लाया जाता है।
2- इसे वर्ष 2000 में जर्मनी से भारत लाया गया है।
3- इसे स्टेनलेस स्टील से बनाया गया है और इस वजह से यह हल्का है।
4- इसमें डिस्क ब्रेक का इस्तेमाल किया गया है।
5- अधिकतम अनुमेय गति 200 किमी प्रति घंटा है और इसकी परिचालन गति 160 किमी प्रति घंटे है।
6- इसके रख-रखाव में लागत कम आती है।
7- इसमें बैठने की क्षमता (SL-80, 3AC-72) अधिक है क्योंकि ये कोच ICF कोचों से 1.7 मीटर लंबे हैं।
8- हादसे के बाद इसके कोच एक के ऊपर एक नहीं चढ़ते क्योंकि इसमें सेंटर बफर कूलिंग (CBC) सिस्टम लगा होता है.
9- इसका राइड इंडेक्स 2.5-2.75 के बीच है।
10- एलएचबी कोचों को 24 महीनों में एक बार आवधिक ओवरहाल (पीओएच) की आवश्यकता होती है।
पहले एलएचबी कोच का इस्तेमाल केवल गतिमान एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस जैसी हाई स्पीड ट्रेनों में किया जाता था, लेकिन भारतीय रेलवे ने जल्द से जल्द सभी आईसीएफ कोचों को एलएचबी कोच में अपग्रेड करने का फैसला किया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि एलएचबी कोच सुरक्षा, गति, क्षमता, आराम आदि के मामले में आईसीएफ कोचों से बेहतर हैं।


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