1G का मतलब है कि आप सिर्फ पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल को महसूस कर रहे हैं, जैसे आप सामान्य स्थिति में ज़मीन पर खड़े हैं। जब कोई फाइटर जेट तेज़ी से घूमत
जानिए फाइटर जेट में महसूस होने वाली जी-फोर्स क्या होती है ?
जी-फोर्स यानी गुरुत्वाकर्षण बल को उस बल के रूप में जाना जाता है जो किसी तेज़ गति, मोड़ या ऊर्ध्वाधर चाल के दौरान इंसानी शरीर पर पड़ता है। इसे पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के गुणक (मल्टीपल) के रूप में मापा जाता है।
1G का मतलब है कि आप सिर्फ पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल को महसूस कर रहे हैं, जैसे आप सामान्य स्थिति में ज़मीन पर खड़े हैं। जब कोई फाइटर जेट तेज़ी से घूमता है, ऊपर-नीचे जाता है या तेजी से रफ्तार पकड़ता है, तब शरीर पर अतिरिक्त G-फोर्स लगती है।
फाइटर जेट में जी-फोर्स का उदाहरण:
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परिस्थिति |
लगने वाली G-Force |
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सामान्य स्थिति (सिधा उड़ान) |
1G |
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हल्का मोड़ |
2-3G |
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तेज़ मोड़ या चढ़ाई |
4-6G |
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अत्यधिक युद्धाभ्यास (डॉगफाइट) |
7-9G |
व्यावहारिक उदाहरण:
मान लीजिए एक फाइटर पायलट का वजन 70 किलो है। अगर जेट में 9G का बल लगता है तो उसका शरीर ऐसा महसूस करेगा जैसे उसका वजन 630 किलो हो गया हो।
इस स्थिति में:
खून शरीर के निचले हिस्से में खिंच जाता है।
दिमाग में खून की कमी हो जाती है।
नजर धुंधली होने लगती है (टनेल विजन)।
पायलट बेहोश भी हो सकता है, जिसे G-LOC (जी-फोर्स इंड्यूस्ड लॉस ऑफ कॉन्शियसनेस) कहते हैं।
इसीलिए, फाइटर पायलट्स विशेष G-सूट पहनते हैं और खास एंटी-जी स्ट्रेनिंग तकनीक (AGSM) का अभ्यास करते हैं जिससे खून दिमाग तक पहुंचता रहे।
अतिरिक्त जानकारी:
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प्रशिक्षित पायलट कुछ सेकंड तक 9G तक झेल सकते हैं।
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बिना प्रशिक्षण के इंसान अक्सर 4-5G पर बेहोश हो सकता है।
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सामान्य रोलर कोस्टर में अधिकतम 2-4G ही महसूस होती है।
अंतरिक्ष यात्रियों और F1 ड्राइवर्स पर लगने वाली G-फोर्स | उदाहरण सहित |
1. अंतरिक्ष यात्रियों पर G-फोर्स:
जब रॉकेट लॉन्च होता है, तो अंतरिक्ष यात्रियों पर बहुत अधिक G-फोर्स लगती है।
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परिस्थिति |
लगने वाली G-फोर्स |
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रॉकेट लॉन्च के समय |
3G से 4G |
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रॉकेट रिइंट्री (वापसी) के दौरान |
4G से 6G |
जब रॉकेट लॉन्च होता है और 3G लगता है, तो यदि किसी अंतरिक्ष यात्री का वजन 70 किलो है, तो उसे ऐसा महसूस होता है जैसे उसका वजन 210 किलो हो गया हो।
इसी कारण लॉन्च के दौरान सांस लेना मुश्किल हो सकता है और शरीर पर भारी दबाव महसूस होता है।
इसलिए अंतरिक्ष यात्रियों को कठोर प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे इस दबाव को सहन कर सकें।
2. F1 (फॉर्मूला वन) ड्राइवर्स पर G-फोर्स:
फॉर्मूला वन रेसिंग कारें तेज़ रफ्तार पर तीखे मोड़ लेती हैं और तेजी से ब्रेक लगाती हैं, जिससे ड्राइवर पर काफी G-फोर्स लगती है।
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परिस्थिति |
लगने वाली G-फोर्स |
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तीखा मोड़ (कॉर्नरिंग) |
4G से 6G |
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तेजी से ब्रेक लगाने पर |
5G तक |
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अचानक तेज़ी से एक्सिलरेशन पर |
2G से 3G |
जब F1 कार तीखे मोड़ पर होती है और ड्राइवर पर 5G लगता है, तब यदि उसका सिर और हेलमेट का कुल वजन 7 किलो है, तो उसे ऐसा महसूस होता है जैसे उसका सिर 35 किलो का हो गया है।
इसीलिए F1 ड्राइवर्स की गर्दन और शरीर बहुत मज़बूत बनाए जाते हैं, ताकि वे इस दबाव को सह सकें।
चाहे अंतरिक्ष यात्री हों, फाइटर पायलट या F1 ड्राइवर — सभी को G-फोर्स का सामना करना पड़ता है, जो उनके शरीर पर भारी दबाव डालती है। इसीलिए इन क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है ताकि वे इस दबाव को झेल सकें और बेहोश होने से बच सकें।
FAQ
जी-फोर्स क्या होती है?
G-Force यानी गुरुत्वाकर्षण बल, जो किसी तेज़ गति, मोड़ या ऊर्ध्वाधर चाल में शरीर पर पड़ता है। इसे पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के गुणक में मापा जाता है।
फाइटर जेट में अधिकतम कितनी G-फोर्स लगती है?
फाइटर जेट में आमतौर पर 7G से 9G तक की फोर्स लगती है।
9G का मतलब क्या होता है?
9G का मतलब शरीर पर नौ गुना वजन महसूस होना। जैसे 70 किलो का इंसान, 630 किलो का महसूस करेगा।
F1 ड्राइवर्स पर कितनी G-फोर्स लगती है?
F1 ड्राइवर्स पर तीखे मोड़ या ब्रेकिंग के दौरान 4G से 6G तक की फोर्स लगती है।
अंतरिक्ष यात्रियों पर लॉन्च के समय कितनी G-फोर्स लगती है?
रॉकेट लॉन्च के समय 3G से 4G तक की फोर्स लगती है।
G-फोर्स से शरीर पर क्या असर पड़ता है?
ब्लड नीचे की ओर खिंच जाता है, सिर भारी लगता है, सांस लेना मुश्किल होता है, नजर धुंधली हो सकती है और अत्यधिक स्थिति में बेहोशी (G-LOC) हो सकती है।
G-फोर्स से बचने के लिए क्या उपाय होते हैं?
फाइटर पायलट्स G-सूट पहनते हैं और एंटी-जी स्ट्रेनिंग तकनीक (AGSM) का इस्तेमाल करते हैं। F1 ड्राइवर्स की गर्दन और शरीर मज़बूत बनाए जाते हैं।
सामान्य इंसान कितनी G-फोर्स सह सकता है?
बिना प्रशिक्षण के आम इंसान 4G से 5G तक ही सह सकता है, उसके बाद बेहोशी की संभावना रहती है।
क्या रोलर कोस्टर में भी G-फोर्स लगती है?
हाँ, लेकिन बहुत कम। आमतौर पर 2G से 4G तक।
क्या आप G-फोर्स पर वैज्ञानिक कारण और शरीर के अंदर क्या होता है, वो भी बता सकते हैं?
हाँ, अगर आप चाहें तो मैं वो भी विस्तार से समझा सकता हूँ।


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