थोक मूल्य सूचकांक (WPI - Wholesale Price Index) वह सूचकांक है जो थोक स्तर (यानी व्यापारी या निर्माता स्तर) पर वस्तुओं की कीमतों में होने वाले औसत बदला
थोक मूल्य सूचकांक (WPI) मुद्रास्फीति क्या है और कैसे गणना की जाती है ?
थोक मूल्य सूचकांक (WPI - Wholesale Price Index) वह सूचकांक है जो थोक स्तर (यानी व्यापारी या निर्माता स्तर) पर वस्तुओं की कीमतों में होने वाले औसत बदलाव को मापता है। यह सूचकांक बताता है कि किसी विशेष समय में वस्तुओं की कीमतों में पिछले वर्ष की तुलना में कितनी वृद्धि या कमी हुई है।
WPI मुद्रास्फीति कैसे गणना की जाती है?
सूत्र:
उदाहरण:
मान लीजिए:
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मई 2025 का WPI = 154.0
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मई 2024 का WPI = 150.0
तो,
इसका अर्थ है कि थोक स्तर पर कीमतें 2.67% बढ़ गई हैं।
WPI कौन जारी करता है?
भारत में WPI को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला आर्थिक सलाहकार का कार्यालय (Office of Economic Adviser) जारी करता है।
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वर्तमान में इसका आधार वर्ष (Base Year): 2011-12 है।
WPI में कौन-कौन सी वस्तुएँ शामिल हैं?
WPI को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
1. प्राथमिक वस्तुएं (Primary Articles) – भार: ~22.6%
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खाद्य पदार्थ: गेहूं, चावल, दालें, फल, सब्जियां, दूध, मांस, मछली, अंडे
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गैर-खाद्य: तिलहन, फूल, चारा
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खनिज, कच्चा तेल
2. ईंधन एवं ऊर्जा (Fuel & Power) – भार: ~13.2%
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पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, बिजली, कोयला
3. निर्मित वस्तुएं (Manufactured Products) – भार: ~64.2%
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वस्त्र, खाद्य उत्पाद, पेय
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रसायन, धातु, मशीनरी
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सीमेंट, प्लास्टिक, रबर इत्यादि
कुल मिलाकर लगभग 697 वस्तुओं को शामिल किया गया है।
वस्तुओं के चयन के मानदंड (Criteria):
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थोक व्यापार में महत्व
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नियमित मूल्य उपलब्धता
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उच्च मात्रा और आर्थिक योगदान
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उद्योगों और व्यापार संगठनों से परामर्श के बाद तय होता है
WPI सूचकांक में प्रतिशत (%) का क्या मतलब है?
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यह प्रतिशत बताता है कि एक वर्ष में थोक स्तर पर कीमतों में कितनी वृद्धि या गिरावट हुई है।
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यदि WPI मुद्रास्फीति +ve है → कीमतें बढ़ी हैं (मुद्रास्फीति)
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यदि WPI मुद्रास्फीति -ve है → कीमतें गिरी हैं (मूल्य गिरावट / डिफ्लेशन)
CPI और WPI में अंतर
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विशेषता |
WPI |
CPI |
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मूल्य स्तर |
थोक मूल्य |
खुदरा (उपभोक्ता) मूल्य |
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सेवाएं शामिल |
नहीं |
हाँ (स्वास्थ्य, शिक्षा आदि) |
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उपयोगकर्ता |
निर्माता, थोक व्यापारी |
आम उपभोक्ता |
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नीति उपयोग |
अब आरबीआई इस्तेमाल नहीं करता |
मौद्रिक नीति के लिए उपयोगी |
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कीमत कहाँ की? |
उत्पादन या व्यापार स्तर |
उपभोक्ता स्तर |
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WPI से हमें उत्पादन और व्यापार स्तर पर महंगाई का अंदाज़ा होता है।
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यह उद्योगों के लिए उपयोगी है, लेकिन आम आदमी की जेब पर असर जानने के लिए CPI ज़्यादा उपयुक्त है।
FAQ
Q1. WPI क्या है?
WPI (थोक मूल्य सूचकांक) एक ऐसा सूचकांक है जो थोक बाजार में वस्तुओं की औसत कीमतों में बदलाव को मापता है।
Q2. WPI मुद्रास्फीति क्या होती है?
यह बताती है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष थोक वस्तुओं की कीमतों में कितनी वृद्धि या कमी हुई है।
Q3. WPI कौन प्रकाशित करता है?
भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आर्थिक सलाहकार का कार्यालय (OEA) इसे प्रकाशित करता है।
Q4. WPI की गणना कैसे होती है?
Q5. WPI में कौन-कौन सी वस्तुएं शामिल हैं?
WPI में कुल 697 वस्तुएं शामिल होती हैं, जिन्हें तीन श्रेणियों में बाँटा गया है:
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प्राथमिक वस्तुएं (फल, अनाज, दूध, मांस आदि)
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ईंधन और ऊर्जा (पेट्रोल, डीजल, कोयला)
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निर्मित वस्तुएं (कपड़ा, रसायन, मशीनरी आदि)
Q6. WPI और CPI में क्या अंतर है?
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WPI थोक स्तर पर कीमतें मापता है, जबकि CPI खुदरा (उपभोक्ता) स्तर पर।
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CPI में सेवाएं भी शामिल होती हैं, WPI में नहीं।
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RBI CPI का उपयोग मौद्रिक नीति निर्धारण के लिए करता है।
Q7. क्या WPI आम जनता के लिए सबसे अच्छा महंगाई मापदंड है?
नहीं, आम जनता के दृष्टिकोण से CPI (Consumer Price Index) ज्यादा उपयुक्त है, क्योंकि वह सेवाओं और खुदरा कीमतों को दर्शाता है।
Q8. WPI किस आधार वर्ष पर आधारित है?
WPI का वर्तमान आधार वर्ष 2011-12 है।


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