अगर आपने B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन) किया है और आप स्कूल में अध्यापक बनना चाहते हैं, तो यह जानना ज़रूरी है कि शिक्षण के क्षेत्र में अलग-अलग स्तर (Levels)
जानिए बी.एड शिक्षकों के लिए PRT, जूनियर, सीनियर और हायर स्तर क्या होते हैं ?
अगर आपने B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन) किया है और आप स्कूल में अध्यापक बनना चाहते हैं, तो यह जानना ज़रूरी है कि शिक्षण के क्षेत्र में अलग-अलग स्तर (Levels) होते हैं। हर स्तर पर शिक्षकों की भूमिका, योग्यता और पढ़ाने वाली कक्षा अलग होती है। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं
1. PRT – प्राइमरी टीचर (Primary Teacher)
कक्षा: पहली से पाँचवीं तक
योग्यता: D.El.Ed या B.Ed + CTET पेपर-I पास
कार्य: छोटे बच्चों को सभी विषय जैसे हिंदी, अंग्रेजी, गणित, पर्यावरण आदि पढ़ाना।
उदाहरण:
अगर आप कक्षा 3 के बच्चों को सभी विषय पढ़ाते हैं, तो आप PRT शिक्षक कहलाते हैं।
2. TGT – प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (Trained Graduate Teacher / Junior Level)
कक्षा: छठी से दसवीं तक
योग्यता: स्नातक (Graduation) + B.Ed + CTET पेपर-II पास
कार्य: अपने विषय जैसे गणित, विज्ञान, इतिहास, अंग्रेजी आदि पढ़ाना।
उदाहरण:
अगर आपने बी.एससी (गणित) + बी.एड किया है और कक्षा 8 को गणित पढ़ाते हैं, तो आप TGT शिक्षक हैं।
3. PGT – स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक (Post Graduate Teacher / Senior or Higher Level)
कक्षा: ग्यारहवीं और बारहवीं
योग्यता: पोस्ट-ग्रेजुएशन (M.A, M.Sc, M.Com आदि) + B.Ed
कार्य: अपने विषय में विशेषज्ञता के साथ उच्च माध्यमिक कक्षाओं को पढ़ाना।
उदाहरण:
अगर आपने एम.ए (अंग्रेजी) + बी.एड किया है और कक्षा 12 को अंग्रेजी पढ़ाते हैं, तो आप PGT शिक्षक कहलाते हैं।
4. स्तर के अनुसार सारांश
|
स्तर |
पूरा नाम |
कक्षा |
योग्यता |
उदाहरण |
|
PRT |
प्राइमरी टीचर |
1 से 5 |
D.El.Ed या B.Ed + CTET
Paper I |
कक्षा 3 सभी विषय |
|
TGT |
प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (जूनियर) |
6 से 10 |
ग्रेजुएशन + B.Ed + CTET Paper II |
कक्षा 8 गणित |
|
PGT |
स्नातकोत्तर शिक्षक (सीनियर/हायर) |
11 और 12 |
पोस्ट ग्रेजुएशन + B.Ed |
कक्षा 12 अंग्रेजी |
सरल भाषा में कहें तो —
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PRT शिक्षक प्राथमिक बच्चों को पढ़ाते हैं।
-
TGT शिक्षक माध्यमिक स्तर (जूनियर) के बच्चों को पढ़ाते हैं।
-
PGT शिक्षक सीनियर सेकेंडरी (हायर लेवल) के विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं।
अगर आपने B.Ed किया है, तो आप इन तीनों में से किसी भी स्तर पर अपने योग्यता के अनुसार शिक्षक बन सकते हैं। समय के साथ PRT → TGT → PGT → प्रधानाचार्य (Principal) तक पदोन्नति का मार्ग भी खुला रहता है।
FAQ
प्रश्न 1: PRT क्या होता है?
PRT का मतलब है Primary Teacher। यह शिक्षक पहली से पाँचवीं कक्षा तक के बच्चों को सभी विषय पढ़ाते हैं।
प्रश्न 2: TGT और PGT में क्या अंतर है?
TGT (Trained Graduate Teacher) 6वीं से 10वीं कक्षा तक पढ़ाते हैं, जबकि PGT (Post Graduate Teacher) 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को पढ़ाते हैं।
प्रश्न 3: क्या बी.एड के बाद कोई भी PRT बन सकता है?
हाँ, यदि आपने B.Ed किया है और CTET Paper-I पास किया है, तो आप PRT के पद के लिए योग्य हैं।
प्रश्न 4: PRT से PGT तक पदोन्नति कैसे होती है?
शिक्षक पहले PRT के रूप में शुरू करते हैं, अनुभव और अतिरिक्त योग्यता के साथ वे TGT और फिर PGT बन सकते हैं।
प्रश्न 5: क्या सभी स्कूलों में PRT, TGT और PGT पद होते हैं?
हाँ, लगभग सभी सरकारी और निजी स्कूलों में ये तीनों स्तर के शिक्षक होते हैं, क्योंकि स्कूलों में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक तक की कक्षाएँ होती हैं।
प्रश्न 6: PGT बनने के लिए कौन-सी डिग्री जरूरी है?
PGT के लिए आपके पास संबंधित विषय में Post Graduation (M.A, M.Sc, M.Com आदि) और B.Ed डिग्री होना आवश्यक है।
प्रश्न 7: जूनियर और सीनियर शिक्षक में क्या अंतर होता है?
जूनियर शिक्षक (TGT) मिडिल और सेकेंडरी लेवल (कक्षा 6 से 10) तक पढ़ाते हैं, जबकि सीनियर शिक्षक (PGT) हायर सेकेंडरी (कक्षा 11-12) के छात्रों को पढ़ाते हैं।
प्रश्न 8: क्या PRT शिक्षक सभी विषय पढ़ाते हैं?
हाँ, प्राइमरी स्तर पर शिक्षक सामान्यत: सभी विषय पढ़ाते हैं, क्योंकि छोटे बच्चों के लिए एक ही शिक्षक कई विषय संभालता है।
प्रश्न 9: क्या बी.एड करने के बाद सीधे TGT या PGT बन सकते हैं?
हाँ, यदि आपकी शैक्षणिक योग्यता (Graduation या Post-Graduation) पूरी है और आपने B.Ed के साथ CTET पेपर-II पास किया है, तो आप TGT या PGT के पद पर आवेदन कर सकते हैं।
प्रश्न 10: क्या निजी स्कूलों में भी यही नियम लागू होते हैं?
हाँ, अधिकतर निजी स्कूलों में भी यही पदनाम (PRT, TGT, PGT) होते हैं, हालांकि भर्ती के नियम थोड़े लचीले हो सकते हैं।


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