नई कार खरीदते समय RTO (रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस) शुल्क एक अनिवार्य सरकारी भुगतान होता है। यह शुल्क राज्य, वाहन की कीमत, ईंधन का प्रकार और वाहन के उपयोग
जानिए नई कार खरीदते समय RTO शुल्क और रोड टैक्स से सम्बंधित जानकारी
नई कार खरीदते समय RTO (रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस) शुल्क एक अनिवार्य सरकारी भुगतान होता है। यह शुल्क राज्य, वाहन की कीमत, ईंधन का प्रकार और वाहन के उपयोग (व्यक्तिगत या व्यवसायिक) पर निर्भर करता है।
RTO शुल्क के घटक
नई कार पर RTO शुल्क निम्नलिखित घटकों में बंटा होता है:
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घटक |
विवरण |
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पंजीकरण शुल्क |
कार को रजिस्टर करने के लिए फिक्स्ड
शुल्क। ₹600–₹1,500 के बीच। |
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रोड टैक्स (लाइफटाइम) |
सबसे बड़ा हिस्सा। यह कार की एक्स-शोरूम कीमत पर आधारित होता
है। राज्य के अनुसार 5%–20% तक। एक बार भुगतान करने पर 15 वर्षों तक वैध। |
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नंबर प्लेट शुल्क (HSRP) |
₹400–₹1,100, वाहन प्रकार और राज्य के अनुसार। |
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अस्थायी पंजीकरण शुल्क |
यदि कार एक राज्य से दूसरे राज्य जाती
है। ₹1,200–₹1,500। |
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हाइपोथिकेशन शुल्क (कर्ज आधारित) |
₹1,500, यदि कार लोन पर ली गई है। |
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ग्रीन टैक्स / एमसीडी टैक्स (कुछ शहरों
में) |
पर्यावरण शुल्क, जैसे दिल्ली NCR में ₹2,000–₹4,000। |
रोड टैक्स का अनुमान (निजी कार)
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कार की कीमत (एक्स-शोरूम) |
पेट्रोल कार |
डीजल कार |
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) |
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₹5 – ₹10 लाख |
8% – 10% |
10% – 12% |
0% – 5% |
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₹10 – ₹20 लाख |
10% – 12% |
12% – 14% |
0% – 5% |
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₹20 लाख से ऊपर |
15% – 20% |
15% – 20% |
0% – 5% |
नोट: राज्य के नियमों के अनुसार प्रतिशत अलग हो सकता है।
उदाहरण: दिल्ली
मान लीजिए आप ₹10 लाख की पेट्रोल कार खरीदते हैं:
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घटक |
राशि (₹) |
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रोड टैक्स (10%) |
₹1,00,000 |
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पंजीकरण शुल्क |
₹600 |
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HSRP नंबर प्लेट |
₹1,000 |
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हाइपोथिकेशन (लोन) |
₹1,500 |
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कुल RTO शुल्क |
≈ ₹1,03,100 |
इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों के लाभ
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कई राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहनों पर 0% या कम रोड टैक्स मिलता है।
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हाइब्रिड कारों पर भी कुछ राज्यों में 50% तक रोड टैक्स की छूट मिल सकती है।
पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज़
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डीलर से प्राप्त चालान
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फॉर्म 20, 21, 22 (डीलर द्वारा प्रदान)
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वैध वाहन बीमा
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पता प्रमाण
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पैन कार्ड
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अस्थायी पंजीकरण (यदि लागू हो)
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प्रदूषण प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
FAQ
Q1: नई कार खरीदते समय RTO शुल्क क्या है?
RTO शुल्क वह सरकारी शुल्क है जो कार को रजिस्टर करने, रोड टैक्स और नंबर प्लेट आदि के लिए दिया जाता है। यह कार की कीमत, ईंधन प्रकार और राज्य के नियमों पर निर्भर करता है।
Q2: उत्तर प्रदेश में रोड टैक्स कितना होता है?
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पेट्रोल कार: 8%–12%
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डीजल कार: 10%–14%
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इलेक्ट्रिक कार: 0%–5%
(शहर और वाहन कीमत के अनुसार थोड़ी भिन्नता हो सकती है)
Q3: RTO शुल्क में क्या-क्या शामिल है?
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पंजीकरण शुल्क
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रोड टैक्स (लाइफटाइम)
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HSRP नंबर प्लेट शुल्क
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हाइपोथिकेशन शुल्क (यदि कार लोन पर है)
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कुछ शहरों में ग्रीन टैक्स
Q4: इलेक्ट्रिक कार पर RTO चार्ज कितना है?
उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक कारों पर आमतौर पर रोड टैक्स बहुत कम या शून्य होता है। पंजीकरण शुल्क और नंबर प्लेट शुल्क देना पड़ता है।
Q5: RTO पंजीकरण के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
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डीलर से चालान (Invoice)
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फॉर्म 20, 21, 22
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वैध वाहन बीमा
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पता प्रमाण
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पैन कार्ड
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अस्थायी पंजीकरण (यदि लागू हो)
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प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC)
Q6: लोन पर कार लेने पर अतिरिक्त शुल्क कितना लगता है?
यदि कार लोन पर ली गई है तो हाइपोथिकेशन शुल्क लगभग ₹1,500 देना पड़ता है।
Q7: क्या RTO शुल्क राज्य के अनुसार बदलता है?
हाँ, रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क राज्य और शहर के अनुसार अलग हो सकते हैं।
Q8: क्या RTO शुल्क सिर्फ पहली बार ही देना होता है?
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रोड टैक्स (लाइफटाइम) एक बार देना होता है।
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नंबर प्लेट और पंजीकरण शुल्क भी एक बार।
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बीमा, PUC और रिन्यूअल अलग से हर साल देना पड़ सकता है।


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