भारत में वाहनों के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) को सड़क सुरक्षा बढ़ाने और फर्जी नंबर प्लेट की समस्या को रोकने के उद्देश्य से लागू किया
जानिए भारत में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) कब से लागू है और क्यों ज़रूरी है
भारत में वाहनों के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) को सड़क सुरक्षा बढ़ाने और फर्जी नंबर प्लेट की समस्या को रोकने के उद्देश्य से लागू किया गया है। यह एक छेड़छाड़-रोधी एल्युमिनियम प्लेट होती है, जिसमें यूनिक कोड, होलोग्राम और “IND” मार्किंग होती है।
आइए जानते हैं कि यह व्यवस्था कब से लागू हुई और इसका इतिहास क्या है।
HSRP का इतिहास और लागू होने की तारीखें
वर्ष 2001 — शुरुआत
भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने वर्ष 2001 में मोटर वाहन नियम, 1989 (Rule 50) में संशोधन कर HSRP की अवधारणा शुरू की। इसका उद्देश्य था — देशभर में एक समान और सुरक्षित नंबर प्लेट प्रणाली लागू करना।
वर्ष 2005 से 2011 — देरी और कानूनी विवाद
इस अवधि में विभिन्न राज्यों में टेंडर और कंपनियों से जुड़े विवादों के कारण योजना लागू नहीं हो सकी। कई मामलों में अदालतों में याचिकाएं भी दायर हुईं, जिससे HSRP की प्रक्रिया रुकी रही।
वर्ष 2012 — सुप्रीम कोर्ट का आदेश
अप्रैल 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला दिया कि अब से सभी नए वाहनों पर HSRP लगाना अनिवार्य होगा।
राज्यों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि कोई भी वाहन बिना HSRP के रजिस्टर या बेचा न जाए।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश (30 अप्रैल 2012):
“कोई भी मोटर वाहन बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के नहीं बेचा या रजिस्टर किया जाएगा।”
वर्ष 2019 — पुराने वाहनों के लिए भी अनिवार्य
सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) ने सभी राज्यों को निर्देश दिए कि पुराने वाहनों (जो 2012 से पहले रजिस्टर्ड हैं) में भी HSRP लगाना जरूरी किया जाए। इसके लिए समय सीमा निर्धारित की गई।
वर्ष 2020–2021 — सख्त प्रवर्तन शुरू
2020 से अधिकांश राज्यों — उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, कर्नाटक आदि — में HSRP को सख्ती से लागू किया गया।
बिना HSRP या रंगीन फ्यूल स्टिकर (कारों के लिए) पाए जाने पर चालान काटे जाने लगे।
संक्षिप्त सारणी: HSRP लागू होने की प्रक्रिया
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वर्ष |
स्थिति |
विवरण |
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2001 |
प्रस्तावित |
मोटर वाहन नियमों में संशोधन के तहत
शुरू |
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2012 |
अनिवार्य |
सभी नए वाहनों के लिए लागू |
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2019–2021 |
विस्तारित |
पुराने वाहनों के लिए भी
अनिवार्य |
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2023–अब तक |
सक्रिय प्रवर्तन |
बिना HSRP के वाहनों पर
चालान |
कानूनी आधार
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मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 192 (चालान और जुर्माना)
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मोटर वाहन नियम, 1989 (Rule 50 और 51)
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सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 2012
जुर्माना (उदाहरण: उत्तर प्रदेश)
बिना HSRP के गाड़ी मिलने पर ₹5,000 तक का चालान लगाया जा सकता है। बार-बार गलती करने पर जुर्माना ₹10,000 तक बढ़ सकता है।
HSRP नंबर प्लेट केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह वाहन सुरक्षा, चोरी-रोधी पहचान और एक समान रजिस्ट्रेशन प्रणाली का प्रतीक है। भारत में अब हर वाहन — पुराना या नया — के लिए HSRP लगाना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
FAQ
प्रश्न 1: HSRP क्या है?
HSRP यानी High Security Registration Plate एक विशेष एल्युमिनियम से बनी नंबर प्लेट है, जिसमेंहोलोग्राम, लेज़र कोड और “IND” मार्क होता है ताकि कोई इसे नकली या बदल न सके।
प्रश्न 2: HSRP कब से लागू है?
HSRP व्यवस्था भारत में 2001 में प्रस्तावित हुई और 2012 से सभी नए वाहनों के लिए अनिवार्य कर दी गई। 2019 के बाद पुराने वाहनों पर भी इसे लगाना जरूरी हो गया।
प्रश्न 3: क्या पुराने वाहनों के लिए भी HSRP जरूरी है?
हाँ, अब पुराने वाहनों (जो 2012 से पहले रजिस्टर्ड हैं) में भी HSRP लगाना अनिवार्य है।
प्रश्न 4: अगर HSRP नहीं लगाई तो क्या चालान होगा?
हाँ, बिना HSRP के गाड़ी मिलने पर ₹5,000 तक का चालान हो सकता है। बार-बार गलती करने पर यह ₹10,000 तक बढ़ सकता है।
प्रश्न 5: HSRP कहां से लगवा सकते हैं?
आप इसे अपने राज्य के परिवहन विभाग की वेबसाइट या अधिकृत पोर्टल www.bookmyhsrp.com से ऑनलाइन बुक कर सकते हैं।
प्रश्न 6: HSRP की कीमत कितनी होती है?
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दो पहिया वाहन: ₹300 से ₹400 तक
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चार पहिया वाहन: ₹600 से ₹1,100 तक (मॉडल पर निर्भर)
प्रश्न 7: क्या HSRP खुद से लगाई जा सकती है?
नहीं, HSRP को केवल अधिकृत डीलर या फिटिंग सेंटर द्वारा लगाया जाता है क्योंकि इसमें स्नैप लॉक सिस्टम होता है जो एक बार लगने के बाद हटाया नहीं जा सकता।
प्रश्न 8: HSRP से क्या फायदा है?
यह चोरी रोकने, फर्जी नंबर प्लेट बंद करने और गाड़ियों की पहचान ट्रैक करने में मदद करती है। साथ ही देशभर में नंबर प्लेट एक जैसी और सुरक्षित होती है।
प्रश्न 9: क्या HSRP पर रंगीन स्टिकर भी जरूरी है?
हाँ, चार पहिया वाहनों पर फ्यूल के प्रकार के अनुसार कलर कोड स्टिकर (नीला, नारंगी, हरा आदि) लगाना भी आवश्यक है।
प्रश्न 10: क्या नई गाड़ियों में HSRP पहले से लगी होती है?
हाँ, अप्रैल 2019 के बाद रजिस्टर्ड नई गाड़ियों में HSRP डीलर द्वारा पहले से लगाई जाती है।


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